भ्रांति को तोड़ना

नया वास्तविकता: एंटिबायोटिक्स कोविड-19 को रोकने में या इलाज के लिए उपयुक्त नहीं है

एंटीबायोटिक्स केवल बैक्टीरिया के खिलाफ काम करते हैं, वायरस के नहीं। कोविड-19 वायरस के कारण होता है, और इसलिए रोकथाम या उपचार के लिए एंटीबायोटिक्स का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। कुछ लोग जो कोविड-19 से बीमार हो जाते हैं, उनमें ऊपर से बैक्टीरियल संक्रमण विकसित कर सकता हैं, ऐसे में डॉक्टर द्वारा एंटीबायोटिक दवाओं की सिफारिश की जा सकती है।

नया वास्तविकता: ठन्डे मौसम और बर्फ वाले क्षेत्र में न्यू कोरोना वायरस का संक्रमण हो सकता हैं।

यह मानने का कोई कारण नहीं है कि ठंड का मौसम नए कोरोनावायरस या अन्य बीमारियों को मार सकता है। बाहरी तापमान या मौसम की परवाह किए बिना सामान्य मानव शरीर का तापमान 36.5°C से 37°C (97.7°F से 98.6°F) रहता है। नए कोरोनावायरस के खिलाफ खुद को बचाने के लिए सबसे प्रभावी तरीका अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइज़र के साथ अपने हाथों की सफाई करना या उन्हें साबुन और पानी से धोना है।

वास्तविकता: अपने शरीर पर अल्कोहल या क्लोरीन के छिड़काव से आप न्यू कोरोना वायरस को मार नहीं सकते हैं। 

अपने पूरे शरीर पर अल्कोहल या क्लोरीन के छिड़काव से आप उस वायरस को नहीं मार पाएंगे जो आपके शरीर में प्रवेश कर चुका होगा। ऐसी चीजों का छिड़काव आपके कपड़ों और आंख, मुंह  आदि (म्यूकस मेंबरेन) को नुकसान पहुंचा सकता है। ध्यान रहे कि अल्कोहल और क्लोरीन दोनों ही विभिन्न सतहों को किटाणुमुक्त करने में उपयोगी होते हैं लेकिन उनका उपयोग सही तरीके से किए जाने की जरूरत है।

वास्तविकता: लहसुन या नींबू (और अन्य खाद्य पदार्थ जिनका सेवन आम तौर पर फ्लू और सामान्य सर्दी- जुकाम के इलाज के लिए किया जाता है) के सेवन से न्यू कोरोना वायरस से बचाव में मदद नहीं मिलती है। 

लहसुन एक स्वास्थ्यकर भोज्य पदार्थ है जिसमें कुछ एंटीमाइक्रोबियल प्रोपर्टीज यानी सुक्ष्मजीवरोधी गुण होते हैं। इसी तरह से विटामिन सी ऐसा आवश्यक पोषक तत्व है जो रोग प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। हालांकि, न्यू कोरोना वायरस के ताजा हमले के दौरान इस बात का कोई साक्ष्य नहीं मिला है कि लहसुन या नींबू (या ऐसे अन्य खाद्य पदार्थों) के सेवन से लोगों को इस वायरस से सुरक्षा मिली हो।

वास्तविकता: नमक या लवण युक्त पानी से नियमित गरारे करने से न्यू कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव में मदद नहीं मिलती है और साथ ही मुंह से वायरस को निकाल भगाने में खूब पानी पीना उपयोगी नहीं होता है। 

इस बात का कोई साक्ष्य नहीं है कि नियमित रूप से नमक के पानी से गरारे करने से न्यू कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव में कोई मदद मिलती हो। हालांकि इससे गले की खरास को दूर करने में मदद मिल सकती है, लेकिन इससे वायरस को आपके फेफड़ों तक पहुंचने से नहीं रोका जा सकेगा। ना ही बार-बार पानी पीते रहने से इसमें मदद मिलेगी।

वास्तविकता: गर्म और आद्र जलवायु वाले क्षेत्र में न्यू कोरोना वायरस का संक्रमण हो सकता हैं। 

कोविड-19 वायरस का प्रसार सभी क्षेत्रों में हो सकता है और इसमें गर्म और आद्र जलवायु वाले क्षेत्र भी शामिल हैं।

वास्तविकता: गर्म पानी पीना और पर्याप्त धूप का सेवन करना कोविड-19 से बचाव में उपयोगी नहीं होता है। 

इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि ज्यादा तापमान में कोविड-19 नष्ट हो जाता है। गर्म पानी पीने और पर्याप्त धूप लेने के दूसरे स्वास्थ्य संबंधी लाभ हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, धूप विटामिन डी हासिल करने के लिए उपयोगी है, लेकिन धूप में ज्यादा देर रहने से त्वचा को नुकसान भी हो सकता है।

वास्तविकता: गर्म पानी से स्नान करने से न्यू कोरोना वायरस से बचा नहीं जा सकता है। 

गर्म पानी से स्नान करने से आप कोविड-19 के संक्रमण से नहीं बच सकेंगे। आपके शरीर का तापमान सामान्य तौर पर लगभग 36.5 डिग्री सेंटीग्रेट से 37 डिग्री सेंटीग्रेट के बीच रहता है, चाहे आपने कितने भी गर्म पानी से स्नान किया हो या शॉवर लिया हो। वास्तव में बहुत अधिक गर्म पानी से स्नान करने से आपको नुकसान पहुंच सकता है, क्योंकि ऐसा करने से आप जल सकते हैं। कोविड- 19 से बचने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है अपने हाथ को बार-बार साफ करते रहना। ऐसा करते हुए आप उन वायरस को नष्ट कर रहे होते हैं जो आपके हाथ पर छुपे हो सकते हैं और साथ ही आंख, मुंह या नाक को हाथ से छूने से जो संक्रमण होने की आशंका होती है, उसे दूर कर रहे होते हैं।

वास्तविकता: न्यू कोरोना वायरस को मारने में हैंड ड्रायर प्रभावी नहीं होते हैं। 

कोविड-19 को मारने में हैंड ड्रायर प्रभावी नहीं हैं। न्यू कोरोना वायरस से खुद को बचाने के लिए आप अपने हाथ को बार-बार अल्कोहल युक्त हैंड रब (सैनेटाइजर) से साफ करते रहें या साबुन और पानी से धोते रहें। हाथ अच्छी तरह साफ हो जाने के बाद आप उन्हें तौलिये या गर्म एयर ड्रायर से सुखा सकते हैं।

वास्तविकता: निमोनिया के टीके से आपको कोरोना वायरस से सुरक्षा नहीं मिल सकती है। 

न्यूमोकोकल टीका या हीमोफीलस इनफ्लूएंजा टाइप बी (एचआईबी) जैसे निमोनिया से सुरक्षा देने वाले टीके न्यू कोरोना वायरस से सुरक्षा नहीं देते हैं। यह वायरस इतना नया और अलग है कि इसका अपना ही टीका विकसित करना होगा। शोधकर्ता कोविड-19 का टीका विकसित करने में जुटे हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) उनके प्रयासों में सहयोग कर रहा है। हालांकि उपरोक्त टीके कोविड-19 में प्रभावी नहीं हैं, लेकिन फ्लू जैसी स्वसन संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए इन्हें जरूर लगवाना चाहिए।

वास्तविकता: मच्छरों के काटने से न्यू कोरोना वायरस का प्रसार नहीं हो सकता है। 

अब तक इस बात के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि मच्छरों से न्यू कोरोना वायरस का प्रसार हो सकता है। न्यू कोरोना वायरस श्वसन से जुड़ा विषाणु है जो प्राथमिक तौर पर संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकली सुक्ष्म बूंदों के माध्यम से फैलता है या नाक से निकले  पानी आदि से फैलता है। अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए हाथों को नियमित रूप से अल्कोहल आधारित हैंड रब से साफ करें या उन्हें साबुन और पानी से धोएं। साथ ही खांस या छींक रहे व्यक्ति से दूर रहें।

वास्तविकता: कोरोना वायरस का असर सब उम्र के लोगों पर होता है। 

न्यू कोरोना वायरस से किसी भी उम्र के लोग प्रभावित हो सकते हैं। बुजुर्ग और पहले से बीमारियों (जैसे अस्थमा, मधुमेह, हृदय रोग आदि) से पीड़ित लोगों के इस वायरस से गंभीर रूप से बीमार होने की आशंका ज्यादा दिखाई दे रही है। डब्लूएचओ सलाह देता है कि सभी आयु वर्ग के लोग खुद को इस वायरस से बचाएं। इसके लिए हाथ की स्वच्छता का ध्यान रखें और खांसते-छींकते समय सावधानी बरतें।

 

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इस जानकारी को हार्वर्ड चैन स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ और दाना-फ़ार्बर कैंसर इंस्टीट्यूट (DFCI) के विश्वनाथ लैब ने दाना-फ़ार्बर / हार्वर्ड कैंसर सेंटर (DF/HCC) के हेल्थ कम्युनिकेशन कोर की मदद से क्यूरेट किया है। ये हार्वर्ड चैन या DFCI के आधिकारिक विचार नहीं हैं। किसी भी प्रश्न, टिप्पणी या सुझाव के लिए rpinnamaneni@hsph.harvard.edu को इ-मेल करें।